एआईसीएफबी नॉर्थ जोन शतरंज चैम्पियनशिप 2025 : सबसे पसंदीदा और टॉप सीड सोमेंद्र अपनी रैंकिंग के अनुरूप चैंपियन बने

चण्डीगढ़ : सेक्टर 39 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नेत्रहीनों के लिए आयोजित एआईसीएफबी नॉर्थ जोन शतरंज चैम्पियनशिप 2025 में सोमेंद्र, जो सबसे पसंदीदा और टॉप सीड थे, अपनी रैंकिंग के अनुरूप चैंपियन बने। सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने रजत पदक जीता। द्वितीय उपविजेता मयंक शर्मा रहे। अन्य चार प्रतिभागी अरविंद, सागर शर्मा, अश्विन राजेश और अखिलेश के. श्रीवास्तव भी नेशनल्स के लिए क्वालिफाई हुए हैं। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों से आए 80 से अधिक नेत्रहीन शतरंज खिलाड़ियों ने अपनी असाधारण प्रतिभा और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी), ऑल इंडिया चेस फेडरेशन फॉर द ब्लाइंड (एआईसीएफबी), चंडीगढ़ प्रशासन के खेल विभाग और फेडरल बैंक लिमिटेड के सहयोग से किया गया। यह आयोजन नेत्रहीन खिलाड़ियों के जज्बे और हुनर का प्रमाण रहा।
समापन समारोह के दौरान सौरभ अरोड़ा, निदेशक, खेल विभाग, चंडीगढ़ ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों की सराहना की और समावेशी खेलों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से विशेष रूप से सक्षम खिलाड़ियों को समर्थन देने और भविष्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित करने का आश्वासन दिया।
एनएबी के मानद अध्यक्ष विनोद चड्ढा ने खेल विभाग और फेडरल बैंक का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह प्रतियोगिता सफल रही।
फेडरल बैंक के सेल्स हेड साहिल ने इस प्रेरणादायक आयोजन में भागीदारी पर कहा कि बैंक समावेशिता और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है।
एआईसीएफबी के बारे में:
ऑल इंडिया चेस फेडरेशन फॉर द ब्लाइंड (एआईसीएफबी) का उद्देश्य नेत्रहीन व्यक्तियों के बीच शतरंज को बढ़ावा देना और उनकी प्रतिभा को एक मंच प्रदान करना है।
एनएबी के बारे में :
नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) शिक्षा, पुनर्वास और खेल के माध्यम से नेत्रहीन व्यक्तियों को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्यरत है।

